उत्पत्ति
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय सासाराम ने वर्ष 2014 में अपनी शैक्षणिक यात्रा का शुभारंभ किया। प्रारंभ में विद्यालय का संचालन कक्षा I से V तक एक अस्थायी भवन में किया गया। विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण एवं आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्ष 2018 में विद्यालय को अपने नवनिर्मित, भव्य एवं सुव्यवस्थित भवन में स्थानांतरित किया गया।
समय के साथ विद्यालय ने शैक्षणिक क्षेत्र में निरंतर प्रगति करते हुए अपनी शैक्षणिक गतिविधियों एवं सुविधाओं का विस्तार किया है। वर्तमान में विद्यालय में बालवाटिका-I से कक्षा XII तक की शिक्षा प्रदान की जा रही है। उच्चतर माध्यमिक स्तर पर विद्यार्थियों की रुचि एवं भविष्य की शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय संचालित हैं।
विद्यालय रोहतास जिला, बिहार में स्थित है तथा बिहार विशेष सशस्त्र महिला पुलिस प्रशिक्षण शिविर के निकट अवस्थित है। विद्यालय का स्थान सड़क, रेल एवं वायु मार्ग से सुगम रूप से जुड़ा हुआ है, जिससे विद्यार्थियों, अभिभावकों, कर्मचारियों एवं आगंतुकों के लिए यहाँ पहुँचना सुविधाजनक है।
विद्यालय तक पहुँचने के साधन
सड़क मार्ग:
विद्यालय तक ग्रैंड ट्रंक रोड (NH-2) के माध्यम से सुगमता से पहुँचा जा सकता है। यह मार्ग विद्यालय को आसपास के प्रमुख नगरों एवं क्षेत्रों से जोड़ता है।
रेल मार्ग:
सासाराम, जो रोहतास जिले का मुख्यालय है, एक महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन है और देश के विभिन्न प्रमुख शहरों से रेल मार्ग द्वारा अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। सासाराम दिल्ली–हावड़ा रेल मार्ग पर स्थित होने के कारण इसकी रेल कनेक्टिविटी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
वायु मार्ग:
विद्यालय के लिए निकटतम प्रमुख हवाई अड्डा लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, वाराणसी है, जो सासाराम से लगभग 137 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, पटना, सासाराम से लगभग 147 किलोमीटर की दूरी पर है।
उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्ध
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय सासाराम विद्यार्थियों में शैक्षणिक उत्कृष्टता, सृजनात्मकता, अनुशासन, नैतिक मूल्यों, आत्मविश्वास एवं समग्र व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को एक समावेशी, प्रेरणादायक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण प्रदान करना है, ताकि वे अपनी अंतर्निहित प्रतिभाओं एवं क्षमताओं को विकसित कर जिम्मेदार, संवेदनशील, आत्मनिर्भर एवं राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक के रूप में विकसित हो सकें।